मुकेश बोले….हर स्कीम के आगे जोड़ रहे मुख्यमंत्री का नाम ….स्कीमी मुख्यमंत्री से बुलाएंगे प्रदेश के लोग

पिछले बजट में मुख्यमंत्री की जारी 30 योजनाओं पर करना चाहिए सरकार को श्वेत पत्र जारी

देविंद्र सिंह

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में आज प्रश्नकाल के बाद सामान्य बजट अनुमान 2019-20 की चर्चा शुरू करते हुए नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में एसा पहली बार है कि किसी दस्तावेज में कहीं कोई एसा जिक्र नहीं है जिससे पता चलता हो कि इस बार के बजट का आकार क्या है। बजट में हर तरह से आंकड़े छिपाने की कोशिश की गई है। मुकेश ने कहा कि कर रहित बजट पेश करके सरकार ने अपने बजट में प्रदेश को कजर् रूपी अंधेरी गली का रास्ता दिखाया है। सरकार ने बजट में कहीं कोई सोर्स नहीं बताया कि किस प्रकार से सरकार कर्ज कम करेगी। एक साल का समय हो गया है सरकार बने लेकिन अभी तक संभले नहीं। पिछली बार पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को कर्ज में डुबाने वाली सरकार ने अपनेबजट में कहीं किसी पन्ने पर अपने लिए कर्ज का कोई जिक्र तक नहीं किया।

प्रदेश का कर्जा 50 हजार करोड़ को छू गया है। पहली बार प्रदेश में फोरेन फंडिगं का जिक्र बजट में किया गया है। लेकिन कहीं नहीं बताया गया है कि ये आएगी कैसे। प्रदेश में बेरोजगारों का आंकड़ा 12 लाख ऊपर जा चुका है। पिछली ही साल प्रदेश रोजगार कार्यालय में 1 लाख 37 हजार 662 नए पंजीकरण हुए हैं जो अपने आप में बेहद गंभीर मामला है। पिछले सालों की तुलना में इस बार प्रदेश में पर्यटन में भी गिरावट दर्ज की गई है। विदेशी टूरिज्म भी कम हुआ है साथ ही फल राज्य. से जाने जाने वाले हिमाचल में फल उत्पादन भी गिरा है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पिछली सरकार को निगम-बोर्डों में नियुक्ति पर घेरने वाली सरकार खुद अपने लोगों को एडजस्ट करने के लिए नए नए निगम-बोर्डों बनाए जा रहे हैं। इससे पहले ही कर्ज में डूब चुके प्रदेश का हाल और बुरा हो गया है।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पिछले बजट में सरकार ने 30 नई योजनाएं आरंभ कर दी है। जबकि इस बार 18 नई योजनाएं मुख्यमंत्री ने जारी कर दी है। पहले मुख्यमंत्री अपनी महत्वकांक्षा वाली स्कीमों की सक्सेस रेट तो बताएं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री को गत बजट में शुरू की गई अपनी 30 योजनाओं पर श्वेत पत्र लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंक ने अभी तक किसी भी पात्र युवा को मुख्यमंत्री की किसी स्कीम के तहत लोन नहीं दिया है।

उन्होंने कहा कि अधिकारी मुख्यमंत्री से खिलवाड़ कर रहे हैं। हर योजना के आगे मुख्यमंत्री जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को संभलना होगा और अपने अधिकारियों पर चेक रखना होगा। नहीं तो आने वाले दिनों में प्रदेस के लोग मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को स्कीमों वाला मुख्यमंत्री बुलाएंगे। बजट देखकर अभी भी एसा लग रहा है कि अभी भी मुख्यमंत्री की गाड़ी बैकसीट से कोई और चला रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिमला व धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना पिट गई है क्योंकि  इस योजना के तहत केंद्र से अभी तक शिमला के 6 और धर्मशाला को 18  करोड़ ही मिल पाया है।

अटल स्कूल वर्दी में भी सरकार ने प्रदेश के 8 लाख 24 हजार बच्चों से धोखा किया है। इतना ही नहीं गत बजट में सरकार ने बोला था कि प्रदेश के 50 हजार बच्चों को अंग्रेजी सिखाएंगे जबिक इस बार के बजट में 50 स्कूलों में संसक्त भाषा शुरू करने की बात कही गई है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को कहा कि पिछले और इस बार के बजट तको मिलाकर मुख्यमंत्री के नाम पर ही अकेले 50 के लगभग योजनाएं शामिल हैं। जबकि इनके किर्यान्वयन को कोई मैकेनिज्म नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार 2022 तक अगर इसी तरह बजट पेश करती रही तो प्रदेश बहुत बुरे कगार पर पंहुच जाएगा।

अग्निहोजत्री ने कहा कि इस बार का बजट प्रदेश को आर्थिक दीवालीएपन की ओर धकेल गया है।

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