रामपुर पुलिस ने नोएडा से पकडे चार और ठग…

नोएडा और गाजियाबाद ठगी के मुख्य अड्डे में इंश्योरेंस कम्पनियो, काॅल सेंटर से निकालते थे लोगो का पता और अन्य जानकारियां…..

ठगी शामिल लड़की आवाज बदलने में भी है माहिर….

लोगो को चुना लगा कर करते थे विदेशो की सैर….

देश के विभिन्न हिस्सों में अब तक कई लोगो को लगा चुके है चूना….

 

विशेषर नेगी

रामपुरगुड़गांव और नोएडा में आनलाईन मार्किटिंग और रोजगार से जुडी कम्पनियों के बैनर तले ठगी का धंधा करने वाले गिरोह का रामपुर पुलिस ने भंडा फोड़ किया है। दिखावे के लिए जॉब गुरु व् राशन टाइम एवं अन्य आन लाइन कंपनियां खोल कर सफाई से लोगो की आँखों में धूल झोकने का काम होता था, लेकिन पर्दे के पीछे लोगो को काल कर ठगी का धंधा चलता था। ठगों ने लोगो के नंबर और नाम के लिए गूगल और इंश्योरेंस कम्पनियो का डाटा इस्तेमाल किया।

 रामपुर पुलिस ने ऐसे मामलो से जुड़े पांच लोगो को हरियाणा और नोएडा से दबोचने में कामयाबी हासिल की है। पकडे गए ठगो में गुरवचन सिंह 28वर्ष ग्रेटर नोएडा, उसका भाई दुष्यंत कुमार 23 वर्ष, छोटा भाई 21 वर्ष दीपक शर्मा और दीपिका ठाकुर 25 वर्ष निवासी त्रिलोकपूरी शामिल है। जब की रामपुर पुलिस ने कुछ रोज पूर्व परवीन को पकड़ा था। इन ठगो द्वारा अब तक करोड़ो की ठगी करने की संभावनाएं है।

यह गिरोह लोगो के इंश्योरेंस से जुडी स्टिक जानकारियां जुटा कर उन को काॅल कर जाल में फसाते थे। इन में एक लड़की जो एमकॉम है वो आवाज बदलने में माहिर है और शिकार को अपने बॉस से बात कराने का झांसा दे कर स्वयं ही बात करने का भी काम करती थी। यह ठग लोगो को विभिन्न इंश्योरेंस स्कीमों में अच्छा मुनाफ़ा होने का लालच दे कर उन के द्वारा बनाये गए फर्जी खातों में पैसा शिकार से ट्रांसफर करवाते थे,और उस के बाद संबंधित व्यक्तियों का डाटा अपने पास रखते थे।

इस ठगी से जुड़े लोग ठगी के बाद शिकार का नंबर दूसरे ठग को पास ऑन करने का काम भी करते थे। उस के बाद दुसरा गिरोह ठगी में जुट जाता था। इन ठगो में कुछ लोग पूर्व में किसी इंश्योरेंस कंपनी में एजेंट का काम करते रहे वही से शातिरों ने देश के विभिन्न हिस्सों के लोगो के पॉलिसीज का विवरण जुटाया।

इस के अलावा यह शातिर गूगल से किसी संस्था को सर्च कर उस के कर्मचारियों के नाम और फोन नंबर जुटा लेते थे। डीएसपी रामपुर अभिमन्यु वर्मा ने बताया रामपुर पुलिस ने 72 लाख की ठगी मामले में जांच शुरू की थी और पहले एक ठग काफी खोज बीन के बाद हाथ लगा। उन्होंने बताया परवीन फर्जी खाते खोलता था। जबकि दीपिका और दुष्यंत शिकार को फ़साने का काम करते थे। उन्होंने लोगो को फोन से बैंक या अन्य जानकारी लेने वालो से सावधान रहने की अपील की है।

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