डीसी को दिए फॉरेस्ट क्लियरेंस के तय समय में मंजूरी देने के निर्देश

केंद्र से उठाया जाएगा सरली करण का मामला: जय राम ठाकुर

प्रियंका शर्मा

शिमला। नाबार्ड से स्वीकृत सड़कों के निर्माण कार्य में फॉरेस्ट क्लीयरेंस के कारण हो रही देरी मामले से संबधित कांगड़ा के विधायक पवन काजल द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बैठक कर संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं कि सड़कों और भवनों के निर्माण के लिए वन भूमि के प्रस्तावों को तैयार करने और अनुमोदन के लिए समय निर्धारित किया जाए। ताकि सक्षम अधिकारी की मंजूरी समय से मिल सके और वन भूमि मंजूरी मामलो को निपटाने में हो रही देरी के कारण कार्य की प्रगति में बाधा नहीं हो।

उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस न मिलने के कारण कई मामले अटके हुए है। कई योजनाओं में भी देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निदेर्शों का पालन करने के लिए संबंधित जिलाधीशों, हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग व वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी कर आगामी कार्यवाही के लिए सूचित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन सरंक्षण अधिनियम मामलों की वन विभाग द्वारा सभा विभागों के साथ प्रतिमाह समीक्षा की जाती है, ताकि जो वन मामले ऑनलाइन जमा किये गए हैं, उनमें यदि कोई त्रुटियां हो तो उन्हें शीघ्राति शीघ्र दूर किया जाए और संबंधित कार्यों की वन संरक्षण आधिनियम के अन्तर्गत केन्द्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त की जा सके।

उनका कहना था कि लोक निर्माण विभाग द्वारा वन संरक्षण अधिनियम के मामले बनाने के लिए आउटसोर्सिग का भी प्रावधान कर रखा है ताकि समय पर विभान्न सड़क व भवन कार्यों के वन संरक्षण अधिनियम मामले बनाये जा सके और इन मामलों को आनलाइन स्वीकृति के लिए भेजा जा सके।

डीसी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन

मुख्यमंत्री ने सवाल के जवाब में कहा कि सरकार द्वारा जिला स्तर जिला़धीश की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है जो वन संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत आने वाले भूमि हस्तान्तरण के मामलों की निगरनी करती है ताकि यदि वन संरक्षण अधिनियम में कोई त्रुटियां हो तो उनको शीघ्राति शीघ्र दूर करके केन्द्रीय सरकार से स्वीकृति प्राप्त की जा सके।

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