उरी के बाद देश के रक्षकों पर दूसरा बड़ा हमला…42 जवानों की पूरी टुकड़ी शहीद

हिमाचल के कांगड़ा का एक सपूत भी शामिल..जैश ए मोहम्मद ले ली जिम्मेदारी

आदर्श हिमाचल ब्यूरो

जम्मू-कश्मीर। देश के 42 वीर सपूत दक्षिण कश्मीर में हुए एक बड़े आंतकी हमले में वीरगति को प्राप्त हो गए है।  उरी हमले के बाद यह देश के रक्षकों पर दूसरा सबसे बड़ा हमला है। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली है। जैश ए मोहम्मद ने जवानों से भरी सीआरपीएफ की बस को विस्फोटों से भरी गाड़ी से टकराया। हमला इतना जोरदार था कि बस में बैठे सभी 42 जवान इसकी भयंकर जद में आये। हमले में इस्तेमाल किये गए विस्स्फोटक इतने शक्ति थे कि जवानों की हड्डियां तक गल गयी।

यहां हुए हमले में हिमाचल के एक वीर सपूत ने भी शहादत पाई। कांगड़ा के तिलक राज ने भी अपना जीवन देश पर बलिदान कर दिया है। बताया जा रहा है कि तिलक राज हमले से दो दिन पहले ही छुट्टी काटकर वापिस गए थे। तिलकराज ने छुट्टी में घर आकर खेलों का आयोजन भी किया था। साथ ही उन्हें गाने का बेहद शौक था। जब भी वे छुट्टियों में घर आते अपने गाने जरूर रिकॉर्ड करते। एक हिट अल्बम के साथ साथ कुछ ही दिनों में उनकी एक और नई एल्बम भी मार्किट में आने वाली थी।

पिछले कल हुए हमले से पहले आंतकियों ने एक वीडियो भी जारी किया था। यह वीडियो सोमालिया का बताया जा रहा है। इसमें इसी तरीके से सोमालिया में आंतकी हमले को अंजाम दिया गया था। वीडियो सांझा कर आंतकियों ने लिखा था कि “इंशा अल्लाह जम्मू में भी ऐसा ही होगा।”

इसी वीडियो को आधार बना राज्य पुलिस ने अपने ऑफिसियल ट्विटर हैंडल पर इसे शेयर किया था और आंतकी हमले की आंशका जताई थी और इसमें पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद आतंकी गुट द्वारा सुरक्षा बलों पर आत्मघाती हमले को लेकर चेताया गया था

राज्य पुलिस ने 33 सेकेंड का वीडियो भी साझा किया था। इसमें आतंकियों द्वारा सोमालिया के सैनिकों पर किए गए हमले को दिखाया गया था। इस वीडियो की तरह का ही हमला गुरुवार को पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर किया गया।

इस वीडियो को अगर गंभीरता से लिया जाता तो इस त्रासदी से बचा जा सकता था। वीडियो में कहा गया था कि इंशाअल्लाह…ऐसा ही कश्मीर में होगा। अधिकारियों ने शक जताया है कि आतंकियों को पुलवामा के सीआरपीएफ के मूवमेंट की जानकारी मिल गई होगी। इसी के चलते आतंकियों ने इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक के साथ हमले को अंजाम दिया।

बताया जा रहा है कि पुलवामा हमले से पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की थी और कार से हमले का इनपुट दिया था।

 

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