दयाल प्यारी पहुंची सोलन, समर्थकों के चुनाव लड़ने के दबाव के बीच अभी संशय बरकरार

बोली. एक तरफ पूरी सरकार तो दूसरी तरफ मेरी जनता को है मेरी जरूरत

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दयाल प्यारी पहुंची सोलन, समर्थकों के चुनाव लड़ने के दबाव के बीच अभी संशय बरकरार
दयाल प्यारी पहुंची सोलन, समर्थकों के चुनाव लड़ने के दबाव के बीच अभी संशय बरकरार

मुख्यमंत्री ने खुद फोन कर समझाया, महेंद्र सिंह भी पंहुचे मनाने पर नहीं हो पाई बात

बोली, सरकार से नहीं नाराजगी लेकिन अपने ही क्षेत्र में भेदभाद नहीं मंजूर

अभिजोत

सोलन। भाजपा से नाराज होकर बतौर निर्दलीय नामांकन भरने वाली दयाल प्यारी पर एक तरफ अपनी सरकार और संगठन का दबाव है तो दूसरी तरफ समर्थकों का। जहां संगठन और सरकार चाहती है कि दयाल प्यारी अपना नामांकन वापिस ले लें तो वहीं उनके समर्थक उन्हें ऐसा करने से रोक रहे हैं। बुधवार को दयाल प्यारी शिमला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलने पंहुची। उनके अनुसार उन्हें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने छोटी बहन के तौर पर समझाया। लेकिन अब उनके समर्थक उन पर नाम वापिस न लेने का दबाव मना रहे हैं।

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मुख्यमंत्री से शिमला में मिलने के बाद वीरवार सुबह सोलन पंहुची दयाल प्यारी ने कहा कि उन्हें इस वक्त कुछ भी समझ नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ उनका पूरा संगठन औऱ् सरकार है तो दूसरी तरफ उनकी जनता है। इनमें से अभी वे अपनी जनता को ही चुनेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार बेशक उनका सारा काम कर दें लेकिन उनके अपने गृह क्षेत्र में उनके साथ जिस तरह से भेदभाव किया जा रहा है वो बर्दाश्त के बाहर है। सोलन में अपना फैसला सुनाने के बाद दयाल प्यारी अपने समर्थकों के साथ मंदिर की ओर रवाना हो गई, जहां से वे भगवान का आर्शीवाद लेकर चुनावी रण में प्रचार के लिए उतरेगीं। हालांकि महेंद्र सिंह भी सोलन में दयाल प्यारी को मनाने पंहुचे थे लेकिन उनकी बात नही हो सकीं और वो भी निराश होकर चले गए।

 

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