पीएचडी, पोस्ट ग्रेजुएट और ग्रेजुएट 1187 स्टूडेंट्स को बांटी डिग्रीयां

अपने सपनों को साकार करने के लिए कदम बढ़ाएं, सफलता सुनिश्चित तौर पर मिलेगी: चांसलर

आदर्श हिमाचल ब्यूरो 

सोलन। ‘एक बड़ा सपना देखना कोई असामान्य बात नहीं है लेकिन जरूरी ये है कि उन सपनों को पूरा करने के लिए जागो और कदम आगे बढ़ाओ। मैं आप में से प्रत्येक को केवल सपने देखने के लिए नहीं, बल्कि जागने और योजना बनाने के लिए चुनौती देता हूं और उस सपने को वास्तविकता बनाने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए प्रयास करें और आप आखिर में सफल होंगे। यह विचार रमेश मेहान, चांसलर, शूलिनी यूनिवर्सिटी ने बुधवार को यहां चौथे दीक्षांत समारोह में उपस्थित स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए दिया।
दीक्षांत समारोह में कुल 1187 स्टूडेंट्स ने डिग्री प्राप्त की, जिन्होंने अपनी पीएचडी, पोस्टग्रेजुएशन और ग्रेजुएशन कोर्सेस पूरे कर डिग्री पूरी की है। इनमें से 51 पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाले स्टूडेंट्स •ाी शामिल हैं। उन्होंने अपने अपने शैक्षणिक क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 26 स्टूडेंट्स को गोल्ड मैडल और नौ को मैरिट सर्टीफिकेट्स •ाी प्रदान किया। लॉरेंस स्कूल, सनावर के हेड मास्टर विनय पांडे, दीक्षांत समारोह के गेस्ट आॅफ आॅनर थे।
बतौर मुख्यातिथि रमेश मेहान ने कहा कि यूनिवर्सिटी की सफलता की कहानी हमें जीवन के दो महान सबक प्रदान करती है। पहला-सपने सच हो सकते हैं। दूसरा -अगर हम चाहते हैं कि हमारे सपने सच हों, तो हमें कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी के लिए एक बेहतरीन वर्ष रहा है, जिसे यूनिवर्सिटीज की रैंकिंग में काफी बड़ी सफलता मिली है, जबकि फैकेल्टी और स्टूडेंट्स, दोनों को वि•िान्न विषयों में अनुसंधान और प्रौद्योगिकी में उनके योगदान और उपलब्धि के लिए मान्यता दी गई है। उन्होंने कहा कि शूलिनी यूनिवर्सिटी ने 10 बेस्ट एनआईआरएफ रैंकड यूनिवर्सिटीज को •ाी रिसर्च आउटपुट इंडीकेटर्स में पीछे छोड़ दिया है। उनका कहना था कि जब आप जीवन में चुनौतियों का सामना करते हैं, तो अपने खोल में छिपने के बजाय, अपनी सिर को ऊंचा करें, बाहर निकलें और इन चुनौतियों का सामना करें। मैं वास्तव में विश्वास करता हूं कि आप में से कई महान नेता और नायक बनेंगे, और •ाारत के •ाविष्य में अपनी छाप छोड़ेंगे ।

फैकेल्टी की सख्या को बढ़ाना है मकसद: प्रो. खोसला

प्रो.पी.के. खोसला, वाइस चांसलर, शूलिनी यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स और फैकेल्टी को संबोधित करते हुए कहा कि अगले तीन वर्षों में, हम भारतीय और वैश्विक दाताओं से निधि निर्माण के साथ-साथ अनुसंधान और शिक्षण दोनों में अपनी अंतरराष्ट्रीय धारणा को बेहतर बनाने की योजना बना रहे हैं और साथ ही उद्योगों के साथ साझेदारी भी बढ़ा रहे हैं। हमारा उद्देश्य आने वाले तीन वर्षों में डॉक्टरेट फैकेल्टी की संख्या को मौजूदा साठ प्रतिशत से बढ़ाकर अस्सी प्रतिशत करना है।

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