सरकार यहां खुद जल्द से जल्द लगवाएं डिजीटल एक्स-रे मशीन : संजय चौहान

आदर्श हिमाचल ब्यूरो 
शिमला। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) शिमला जोनल अस्पताल डीडीयू में सरकार द्वारा निजी कंपनी को एक्स-रे मशीन लगाने की इजाजत का विरोध करती है और मांग करती है कि इस निर्णय को बदलकर सरकार द्वारा डिजिटल एक्स-रे मशीन तुरंत लगाई जाए।
              सीपीआईएम के जिला सचिव संजय चौहान ने कहा कि नई सरकार के गठन के तुरन्त बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शिमला के विधायक सुरेश भरद्वाज ने इस अस्पताल का पहले ही दिन दौरा कर यहाँ पर डिजिटल एक्स रे मशीन लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि एक वर्ष से अधिक समय बीतने के पश्चात भी यहाँ नई एक्स रे मशीन स्थापित नहीं की गई और जब देर सवेर निर्णय लिया गया तो निजी कंपनी को एक्स रे मशीन लगाने की इजाजत सरकार ने दे दी। हैरानी तो इस बात की है कि निजी कंपनी को अस्पताल में जगह भी मुफ्त और एक्स रे भी अस्पताल के कर्मचारी करेंगे और ऊपर से एक्स रे की दरों में 150 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है। जोकि स्पष्ट रूप में जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ लाद कर निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने का निर्णय है। इस निर्णय में स्पष्ट रूप से कंपनी व सरकार में कुछ लोगो के बीच कोई सांठगांठ महसूस की जा सकती है और मुख्यमंत्री को इस विषय मे स्वंय हस्तक्षेप कर इसकी जांच करनी चाहिए।
                   माकपा का जिला सचिव ने कहा कि शिमला शहर के विधायक व शिक्षा मंत्री का इस विषय में आज समाचार पत्रों में छपा बयान बेहद हास्यास्पद हैं कि सरकार को अस्पताल में निजी कंपनी को जगह नहीं देनी चाहिए और इसे निजी विचार कह कर उन्होंने अपना पल्ला झाड़ दिया है। संजय चौहान ने कहा कि मंत्री महोदय शायद ये भूल गए हैं कि शिमला शहर की जनता ने उनको विधायक चुना है और शहरवासियों के हितों की रक्षा करना उनकी जिम्मवारी है और वह अपनी जिम्मवारी से इस तरह का बयान देकर बच नहीं सकते। यह निर्णय स्वाभाविक तौर पर सरकार ने लिया है और बतौर मंत्री वह भी इस निर्णय का हिस्सा है। स्वाभाविक है कि उनकी भी सहमति इसमे रही होगी। इस प्रकार के बचकाना बयान देकर वह जनता को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं।
               उन्होंने कहा कि स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश की वर्तमान में बीजेपी सरकार भी पूर्व की कांग्रेस सरकार की भांति स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण कर जनता पर आर्थिक बोझ लादकर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। क्योंकि इससे पहले कांग्रेस की सरकार ने भी राज्य अस्पताल आई जी एम सी के साथ कई अन्य अस्पतालों में टेस्ट व एक्स रे आदि निजी हाथों में देने का निर्णय लिया था और बीजेपी विपक्ष में रहकर तब इसका विरोध करती थी।  लेकिन आज सत्ता में आते ही इन्हीं मूलभूत आवश्यक सेवाओं का निजीकरण कर उन्हीं जनविरोधी नीतियों को लागू कर रही हैं। जिससे बीजेपी का दोहरा चरित्र सामने आ गया है।
              उन्होंने कहा कि एक ओर देश व प्रदेश में बीजेपी की सरकारें आयुष्मान भारत, स्वास्थ मिशन आदि स्वास्थ्य क्षेत्र में योजनाओं के नाम पर जनता को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रचार कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर कई गुना ज्यादा कीमतों पर एक्स रे, टेस्ट आदि के नाम पर अस्पतालों में निजी कंपनियों को ठेका देकर जनता को लूटने की इजाज़त दे रही हैं जोकि बिल्कुल भी जनहित में नहीं है।
                        सी.पी.एम. मांग करती है कि प्रदेश सरकार जोनल अस्पताल डी डी यू में निजी कंपनी को एक्स रे मशीन लगाने की इजाज़त को तुरन्त वापिस ले और सरकार स्वंय इस अस्पताल में नई आधुनिक डिजिटल एक्स रे मशीन स्थापित कर जनता को एक्स रे सुविधा तुरंत प्रदान करे। इसके साथ ही सभी एक्स रे, टेस्ट, दवाइयों आदि सेवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में चलाई जा योजनाओं के अंतर्गत निशुल्क प्रदान की जाए ताकि जनता के पैसे से निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की नीति पर रोक लगाकर इसका लाभ सीधे रूप में जनता को मिल सके।

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