सोलन में निजी स्कूल की दिखाई दादागिरी….स्कूल प्रबंधन ने गेट पर लगाए ताले 
स्कूल का इंस्पेक्शन करने आई सीबीएसई टीम को अभिभावकों से नहीं दिया गया मिलने 
 
 अभिभावक मायूस होकर लौटे  
 

आदर्श हिमाचल ब्यूरो 

सोलन : सोलन में आज एक निजी स्कूल की दादागिरी अभिभावकों को देखने को मिली।आज सीबीएसई की टीम स्कूल का इंस्पेक्शन करने पहुंची ।जिसकी भनक अभिभावकों जैसे ही लगी तो अभिभावक स्कूल के बाहर  इक्कठा होने लगे  और स्कूल प्रबंधन से इंस्पेक्शन करने आई टीम से मिलने की गुहार लगाई।  लेकिन इससे पहले अभिभावक टीम से मिल पाते  स्कूल प्रबंधन ने  गेट पर ताला  लगा दिया और अभिभवकों को स्कूल के अंदर तक नहीं आने दिया।जिसका गुस्सा अभिभवकों के चहरो पर साफ दिखाई दिया दिया। गौरतलब है की स्कूल प्रबंधन की मनमानी के चलते अभिभावक परेशान हैऔर पिछले एक महीने से विभिन्न स्कूलों के अभिभावक एक जुट होकर स्कूलों के खिलाफ मोर्चा खोल चुके है । अभिभवकों का कहना है कि स्कूलों में आ रही दिक्कतो को ये लोग बोर्ड से आई हुई टीम के सामने रखना चाहते थे  जिसे स्कूल सिर्फ मजाक के रूप में ले रहा  है, अभिभवकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल प्रबंधन की मनमानी में अब सीबीएसई की टीम भी स्कूल वालो का साथ दे रही है।जिसकारण टीम के सदस्य उनसे नहीं मिल रहे है। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगते हुए कहा की स्कूल में न तो छात्रों को साफ पानी पिने को मिलता है और न ही किसी तरह की एक्टिविटी करवाई जाती हैयह तक की छात्रों के शौचालयों में गन्दगी का आलम है। उन्होंने कहा की फीस के नाम पर स्कूल ने लूट मचाई हुई है ,स्कूल में मेडिकल फंड के रूप में पैसे ऐंठे जा रहे है जिस की शिकयत आज अभिभवकों द्वारा पंचकूला से आई सीबीएसई की टीम से करनी थी लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया।  उन्होंने सीबीएसई की टीम पर भी आरोप लगाते  हुए कहा की उन्हें लगता है की सिर्फ कागजो में ही इंस्पेक्शन करके टीम वापिस जा रही है, टीम के सदस्यों से अभिभवकों से मिलना चाहिए था और उन्हें आ रही समस्याओ को बोर्ड के समक्ष रखना चाहिए था। उन्होंने कहा की यदि स्कूल में कोई कमी न होती तो स्कूल प्रबंधन बिना किसी दर के अभिभवकों को टीम के सदस्यों में मिलता।

यह हम आप को बता दे की बीते  एक महा से विभिन्न स्कूल के अभिभवक स्कूल प्रबंधको  के खिलाफ लामबंद हो रहे है और बड़ी हुई फीस एनुअल चार्जिस जैसी समस्यों  को लेकर उपयुकत सोलन व् शिक्षा मंत्री से मिल चुके है  । लेकिन स्कूल वालो की मनमानी के आगे सब बेबस नजर आ रहे है। अब देखना यह होगा की कब निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगपाता है की नहीं।
वही जब इस बारे स्कूल प्रबंधन से बात करने की कोशिश की गई तो प्रिंसिपल का मोबाइल बंद आया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here