23 दिन बाद मिले दो जवानों के शव..कल भेजे जाएंगे उनके पैतृक गांव 

सेना का सर्च ऑपरेशन पूरा….बर्फ में दफन सभी जवानों के शव बरामद

आदर्श हिमाचल ब्यूरो

शिमला। ग्लेशियर में दबे जवानों की तलाश में स्पेशल टीम ने गुरुवार की सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया था । जिसमें दोनों जवानों के शव मिल गए । शहीद जवानों के शव को सेना द्वारा उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा ।
ग्लेशियर में दबे दोनों जवानों के पार्थिव शरीर शुक्रवार को सेना उनके पैतृक गांव पहुचाएगी। निरमंड की खरगा पंचायत के थरूवा गांव के सैनिक विदेश कुमार का पार्थिक शरीर पोस्टमार्टम के बाद पुह से सैनिक सम्मान देने के बाद झाखडी के लिए भेज दिया गया ।
शुक्रवार को पार्थिक शरीर को उनके पैतृक गावं भेजा जायेगा । जहां सैनिक सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया जयेगा । जबकि अर्जुन कुमार का पार्थिक शरीर आज पुह में ही रखा गया है और हेलिकोप्टर से शुक्रवार को उनका शव कठुआ के लिए ले जाया जायेगा ।
विदेश कुमार के शहीद होने की खबर मिलने के बाद समूचे क्षेत्र के लोग गमगीन है । 23 दिनों से विदेश के पिता आईपीएच विभाग से सेवानिवृत्त ईश्वर दास और माता पुष्पा देवी अपने बेटे की सही सलामत लौटने की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन बेटे के शहीद होने की सूचना मिलते ही उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है ।
बता दें कि किन्नौर के नमज्ञा डोगरी में 20 फरवरी को पानी की लाइन ठीक करने के लिए आर्मी और आईटीबीपी के 16 जवान नाले में गए थे और ऊपर से अचानक ग्लेशियर आने से 4 आईटीबीपी और 6 आर्मी के जवान उसकी चपेट में आ गए थे. इस हादसे में आईटीबीपी के जवान तो बच गए लेकिन आर्मी के जवान चपेट में आ गए । इन जवानों को 23 दिन से लगातार आर्मी, आईटीबीपी, आर्मी की स्पेशल टास्क टीम, स्निफर डॉग, डीआरडीओ की टीम, थर्मल डिटेक्टर, मेटल डिटेक्टर, पेनेटरेटिंग रडार व स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से खोजा जा रहा था ।
इस हादसे के दूसरे दिन रेस्क्यू टीम ने सेना के एक जवान राकेश कुमार का शव निकाल लिया था । रेस्क्यू टीम को 2 मार्च को नालागढ़ के राजेश ऋषि का शव मिला था । 4 मार्च को वेस्ट बंगाल के गोविंद छेत्री का शव मिला और 9 मार्च को कांगड़ा के नितिन राणा का शव मिला था ।
वहीं, विदेश 20 फरवरी को सेना के छह जवानों के साथ हिमंखड में दब गए थे । चार जवानों के शव तो पहले ही मिल गए थे, लेकिन दो शव 23 दिन बाद मिले हैं ।

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