आदर्श हिमाचल ब्यूरो 

मंडी : राष्ट्रीय कृमि नाशक दिवस पर पहली मई को मंडी जिला में एक से 19 वर्ष तक के 2 लाख 84 हजार 267 बच्चों को कृमि नाशक दवाई खिलाई जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने राष्ट्रीय कृमिनाशक दिवस मनाने के लिए तैयारियों को लेकर गुरूवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कृमि नाशक दिवस मनाने का उद्देश्य नवजात शिशुओं और स्कूली बच्चों को परजीवी कृमि संक्रमण से बचाना तथा इसके प्रति लोगों को जागरूक करना है।

उन्होंने सभी अभिभावकों से बच्चों की सेहतमंदी के लिए पहली मई को स्वास्थ्य विभाग के अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने आग्रह किया कि अभिभावक पहली मई को स्कूलों में बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करवाएं । उन्होंने कहा कि यदि किसी कारण से पहली मई को कोई बच्चा दवा खाने से छूट जाता है तो उन्हें 8 मई को यह दवा खिलाई जायेगी ।

उन्होंने कहा कि बच्चों के पेट में कीड़े पड़ने से वे एनीमिया और कुपोषण के शिकार हो जाते हैं। इससे निजात पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग वर्ष में दो बार बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाता है। उन्होंने बताया कि एक से 19 साल तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली दी जाती है, जिसे चबाकर खाना होता है तथा इससे कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होते । दो साल तक के बच्चे को आधी गोली तथा इससे ज्यादा आयु के बच्चों को पूरी गोली दी जाती है ।

टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा

बैठक में जिला में टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा भी की गयी । आशुतोष गर्ग ने कहा कि बच्चों के स्कूल में प्रवेश के समय टीकाकरण का प्रमाण पत्र अनिवार्य कर दिया गया है, जिसे वे समीप के स्वास्थ्य व उप स्वास्थ्य केंद्र से प्राप्त कर सकते हैं । उन्होंने पोलियो के टीकाकरण व उसकी रोकथाम के लिए सभी विभागों से संयुक्त प्रयास का आग्रह कया। अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ खंड स्तर पर बैठकों का आयोजन कर सबकी भागीदारी सुनिश्चित करें।।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे अन्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गयी ।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी जीवानंद चौहान, जिला स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश ठाकुर , कार्यक्रम अधिकारी अनुराधा शर्मा, जिला आयुर्वेद अधिकारी, जिला के खंड चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस सुरेन्द्र तेगटा, जिला के समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारियों सहित जिला के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे ।

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