आदर्श हिमाचल ब्यूरो

 

धर्मशाला। उपायुक्त संदीप कुमार ने बुधवार को धर्मशाला में मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए योजना के तहत मामले स्वीकृत करने की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग के अधिकारी आवेदकों का मार्गदर्शन करेंए उन्हें तकनीकी सहायता प्रदान करें। सभी बैंक उनको भेजे सही मामलों में समय पर लोन स्वीकृत करें ताकि लोगों का विश्वास बढ़े। उन्होंने कहा कि बैंकों के पास मामलों को अस्वीकार करने का कोई ठोस कारण होना चाहिएए मामलों को न बेवजह लटकाएं और न बिना ठोस कारण अस्वीकार करें। उन्होंने उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बैंकों से अस्वीकृत मामलों में आवेदकों से बात कर उनका पक्ष भी जानें। संदीप कुमार ने बैठक के दौरान बैंकों में लंबित मामलों और मामलों को नामंजूर करने के कारणों के बारे में जानकारी ली तथा उपस्थित सभी लोगों से योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सुझाव भी मांगे। उद्योग विभाग के महाप्रबंधक राजेश कुमार ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया।
 सरकार योजना के प्रभावी कार्यान्वयन को गंभीर
संदीप कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर बहुत गंभीर है। योजना का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए इसमें कुछ नई चीजें जोड़ने की बात की गई है। सरकार ने लाभार्थियों   की अधिकतम आयु सीमा को 35 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का निर्णय लिया है। अधिकतम परियोजना लागत 40 लाख से बढ़ाकर 60 करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा यह भी प्रस्ताव है कि क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट फंड के तहत लिए जाने वाला शुल्क भी अब सरकार देगी। पूंजीगत निवेश की परिभाषा में मशीनरी के अतिरिक्त आवश्यक भवन एवं अन्य परिसंपत्तियों को भी सम्मिलित करना प्रस्तावित है।
लोगों को बताएं मुनाफे के काम धंधे
उन्होंने उद्योग विभाग के अधिकारियों को कहा कि वे लोगों को मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के फायदों के बारे में जागरूक करने पर जोर दें।

उन्हें मुनाफे के काम ध्ंधों को लेकर शिक्षित करें। कारोबार के उपयुक्त अवसरों एवं विकल्पों के बारे में बताएं। लॉंड्री सेवाए मशरूम उत्पादन और पशु चारा बनाने की यूनिट लगाने जैसे कामों के लिए प्रेत्साहित करें और उनका मार्गदर्शन करें।
 जिला में अब तक 44 मामले स्वीकृत
उपायुक्त ने उद्योग विभाग के कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजना के तहत बैंकों में लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए संबंधित क्षेत्र के खंड विकास अधिकारी और बैंक अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक करें । योजना के तहत जिला में अब तक 44 मामले स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को भी अपने क्षेत्र में कृषि, बागवानी एवं मत्स्य पालन विभागों के अधिकारियों का सहयोग लेकर प्रगतिशील किसानों और उद्यमियों को योजना से जोड़ने का प्रयास करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के स्वरोजगार आपका अधिकार कार्यक्रम का उपयोग युवाओं को जागरूक करने के लिए करें।

उन्होंने निर्देश दिए कि उद्योग विभाग के अधिकारी योजना के तहत मामले तैयार कर स्वीकृति के लिए स्थानीय बैंक शाखा को भेजने के साथ ही इसकी एक प्रति उस बैंक के जोनल ऑफिस को भी भेजेंए ताकि मामलों की गति की निगरानी हो सके। उन्होंने कहा कि जनमंच कार्यक्रमों के दौरान संबंधित क्षेत्र के बैंक अधिकारी मौजूद रहें,ए ताकि ऋण के मामलों से जुड़ी लोगों की समस्याएं मौके पर सुलझाई जा सकें।  इस दौरान योजना के तहत आवेदन करने वाले लोगों ने बैंकों में मामलों की स्वीकृति में पेश आ रही समस्याएं भी बताईं बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त केके सरोच, पीएनबी बैंक के वृत प्रमुख सुनील जैन, जिला अग्रणी मुख्य प्रबंधक हरविंदर सिंह, प्रंबधक विनय कुमार सहित सभी विकास ख्ंड अधिकारी एवं बैंकों के प्रमुख व योजना के तहत आवेदन करने वाले लोग उपथित रहे।

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