राजधानी से कसौली तक हुई बर्फबारी

लाहौल में हिमखंड गिरने की चेतावनी

ठंड की चपेट में हिमाचल

प्रदेश में करीब 300 सड़कें बंद, 80 बसें फंसी

प्रियंका चौहान

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक बार फिर जमकर बर्फबारी देखने को मिली है। इससे पहले दो दिनों तक ठण्डी हवाएं चलती रही। मंगलवार देर रात को शुरू हुई बर्फबारी का सिलसिला बुधवार को दोपहर तक रुक रुक कर जारी रहा, जिससे प्रदेश एक बार फिर ठण्ड की चपेट में आ गया है। वहीं शिमला सहित छह जिलों में प्रशासन ने बुधवार को सभी शिक्षण संस्थानों में एक दिन की छुट्टी दे दी गई है। बर्फबारी के चलते कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था बाधित हो गई है, बिजली, पानी और संचार व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। जिला प्रशासन सड़कों को बहाल करने में जुट गया है। अनेक सड़कों के अवरुद्ध होने के अलावा एचआरटीसी की कई बसें बर्फ में फंस गई हैं। राहत की बात यह है कि बर्फबारी थमने से सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। अप्पर शिमला के तमाम इलाके राजधानी से कटे हुए हैं। एनएच-5 के अवरुद्ध होने के कारण रामपुर के लिए बसें वाया बसन्तपुर भेजी जा रही हैं।
लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बर्फबारी से राज्य में पांच नेशनल हाइवे सहित 300 के करीब सड़कें बाधित हुई हैं। शिमला जोन के रोहड़ू में 98, शिमला शहर में 33, रामपुर में 30 और नाहन में 12 सड़कें बन्द हैं। मंडी जोन की 81 अवरुद्ध सड़कों में कुल्लू सर्कल की 49 और मंडी सर्कल की 32 सड़कों पर आवाजाही ठप्प रही। लाहौल स्पीति, किन्नौर, चंबा जिले के पांगी और भरमौर सहित मुख्य पर्यटक स्थालों पर बर्फ के अंबार लगे हैं। तोंद, चंद्रा और पट्टन घाटी के मुख्यालय केलांग से सड़क संपर्क कट चुका है। केलांग में बर्फ का ढेर मकानों से ऊंचा हो चुका है।
इसके इलावा मुख्य पर्यटक स्थलों कुफरी, नारकण्डा, मनाली, डलहौजी, चूड़धार, चायल और कसौली तक बर्फबारी हुई है, जबकि निचले स्थानों पर बारिश होने की सूचना है। धर्मशाला के सदाबहार धौलाधार पर्वतों पर भी कल से हिमपात हो रहा है। पहाड़ी इलाकों में जीवन थम सा गया है और शीतलहर के चलते लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं।
मौसम विभाग का मानना है कि अभी तक मौसम के मिजाज नरम नहीं पड़े हैं। कुछ दिन और लोगों को मौसम ऐसे ही सताएगा। दो और तीन मार्च को मौसम ओर करवट बदलेगा, जिससे निचले और मध्यवर्ती इलाकों में एक दो स्थानों पर गर्ज के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की है। वीरवार और शुक्रवार को मौसम साफ रहने की संभावना है। बुधवार सुबह तक कुफरी, कल्पा और कसौली में 10 सैंटीमीटर खदराला में 7, जुब्बल, शिमला, मशोबरा में पांच सैंटीमीटर, सराहन 4, जंजैहली, मनाली, कोठी और डलहौजी में 3 सैंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई है।

लाहौल में हिमखंड गिरने की चेतावनी

मौसम विभाग ने लाहौल में हिमखंड गिरने की चेतावनी जारी की है। लाहुल में बारालाचा दर्रे सहित जिंगजिंगबार, दारचा की पहाड़ियों, मयाड़ घाटी, घेपन पीक, लेडी आॅफ केलंग, कुंजुम जोत, दारचा की पहाड़ियों, शिला पीक, बढ़ा व छोटा शिंगरी ग्लेशियर व नील कंठ जोत सहित समस्त चोटियों में बर्फ के ढेर लग गए हैं।

न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट

खराब मौसम के चलते न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भारी गिरावट आई है। प्रदेश के छह क्षेत्रों का न्यूनतम तापमान माइनस में चला गया है। केलांग में सबसे कम न्यूनतम तापमान माइनस 11.2 सेल्सियस, कल्पा माइनस 6.0, मनाली माइनस 1.0, डलहौजी माइनस 2.0 और कुफरी में माइनस 5.0 और शिमला में माइनस 1.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके इलावा अधिकतम तापमान में भी भारी गिरावट आई है। राजधानी में 0.4 डिग्री रहा जबकि डलहौजी में 1.0 डिग्री, केलांग में शून्य, कल्पा में 2.8 डिग्री रिकार्ड किया गया।
मडग्रां में हिमखंड गिरा,12 मकान दरके
लाहुल-स्पीति में मंगलवार को बफार्नी तूफान ने उदयपुर उपमंडल के रतोली में जमकर तबाही मचाई है। यहां मडग्रां नाले में गिरे ग्लेशियर गिरने से उड़ी तेज बफार्नी हवा ने नाले के समीप बसे रतोली गांव में 12 घरों को क्षतिग्रस्त कर डाला। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में सुरक्षित स्थलों पर ही रहे।
लाहुल में 30 से ज्यादा मरीज फंसे
लगातार हो रही बर्फबारी से हैलीकाप्टर उडान में बाधा उत्पन्न हो रही है। जिसके कारण लाहुल-स्पीति में बर्फ के कारावास में 30 से अधिक बीमार लोग फंस गए हैं। एसडीएम सुभाष गौतम ने बताया कि जिला के विभिन्न स्थानों पर 24 लोग गंभीर रूप से बीमार हैं, जिन्हें रेस्क्यू करने की आवश्यकता है और खराब मौसम के कारण इन्हें रेस्क्यू नहीं किया जा सका है।
बयान
‘‘प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बुधवार भारी बारिश और बर्फबारी होगी। मैदानी व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ओलावृष्टि के साथ भारी बारिश होगी, जबकि अधिकतम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात होगा। 28 फरवरी और पहली मार्च को प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। दो और तीन मार्च को फिर से मौसम खराब रहेगा और चार मार्च को साफ रहेगा।’’
डॉ. मनमोहन सिंह, निदेशक विज्ञान केंद्र शिमला

 

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