स्वास्थ्य का अधिकार बनाने को लेकर की केंद्र सरकार से मांग

आदर्श हिमाचल ब्यूरो

शिमला। हिमाचल प्रदेश इकाई ने रविवार को वाई.डब्ल्यू.सी.ए. शिमला में बैठक का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत अधिकारी इन्द्रजीत सिंह दुग्गल ने की । इस कार्यक्रम में 10 अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों व स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य घोषणापत्र जारी किया गया जिसमें स्वास्थ्य का अधिकार बनाने की मांग की गई।

बैठक में दिन- प्रतिदिन चरमराती जा रही स्वास्थ्य सेवाओं और महंगे होते जा रहे इलाज को लेकर चर्चा की गई। बैठक के दौरान जन स्वास्थ्य अभियान के संयोजक सत्यवान पुण्डीर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जन स्वास्थय घोषणापत्र में केंद्र सरकार को देश के सकल घरेलु उत्पादन का कम से कम 3.5 फीसदी स्वास्थ्य पर खर्च करना चाहिए ।

उन्होने बताया कि बैठक का प्रमुख उदेश्य स्वास्थ्य के क्षेत्र कार्यरत अंतर्राष्ट्रीय मंच के रूप में जन स्वास्थ्य अभियान पिछले दो दशकों से भी अधिक समय से दुनियाभर में एक सौ से अधिक देशों में स्वास्थ्य से जुड़े मुददों की वकालत कर रहा है। इस नेटवर्क में भारतवर्ष में 1000 से अधिक संगठन स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे बड़े पैमाने पर निजीकरण को रोकने का प्रयास कर रहे हैं।

 इसके अलावा पुण्डीर ने विश्व स्वास्थ्य दिवस द्वारा तय किए थीम सबके लिए व सभी जगह सार्वभैमिक स्वास्थ्य कवरेज के नारे का स्वागत करते हुए चिंता भी जाहिर की कि इस पूंजीवादी व्यवस्था में यह नारा 1978 की आल्मा-आटा घोषणा’ का रूप न ले ले। क्योंकि आज इस व्यवस्था ने स्वास्थ्य को मात्र एक वस्तु के रूप में समझ कर अपने हाल पर छोड़ दिया है।

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