जिम्बाबे के युवक ने बताया कैसी हो भारत में ट्रैफिक व्यवस्था

 

आदर्श हिमाचल ब्यूरो

 

शिमला। स्थानीय अलख प्रकाश गोयल (एपीजी) शिमला विश्वविद्यालय के छात्रों ने बठिंडा (पंजाब) स्थित बाबा फरीद ग्रुप ऑफ इंस्टीटयूट में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। यह जानकारी विश्वविद्यालय के प्रेस सलाहकार सत्यदेव शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि इस संस्थान द्वारा इंटेलीजेंट मशीन्स पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन करवाया गया। जिसमें विभिन्न देशों के करीब 538 प्रतिभागियों से भाग लिया।

उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश से सिर्फ एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के छात्रों ने ही भाग लिया। सम्मेलन में एपीजी शिमला विश्वविद्यालय से बीबीए के छात्र नथानिल सनारियो ने भारत में सडक़ यातायात को कम करने के कुशल तरीके विषय में द्वितीय स्थान अर्जित किया। विश्वविद्यालय की ओर से भारत समेत पांच अन्य राष्ट्रों से गए छात्रों ने विभिन्न विषयों पर अपने आइडिया दिए।

भारत में ट्रैफिक व्यवस्था कैसी होनी चाहिए इस पर जिम्बाबे के छात्र में अपना आइडिया देकर इस स्पर्धा में दूसरा स्थान अर्जित किया। अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेकर लौटे छात्रों का विश्वविद्यालय के स्वागत किया गया।      इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसएन कुलकर्णी ने कहा कि प्रतिभाएं तराशने से और निखरती हैं। इस दिशा में विश्वविद्यालय निरंतर प्रयासरत है। प्रो. कुलकर्णी ने सम्मेलन में भाग लेकर लौटे छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीत की भूख के साथ हर प्रतिस्पर्धा में भाग लेना चाहिए।
प्रेस सलाहकार सत्यदेव शर्मा ने बताया कि बठिंडा (पंजाब) में हुई अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विश्वविद्यालय से भारत समेत पांच राष्ट्रों के छात्रों ने शिरकत की। इसमें नेपाल, तनजानिया, अफगानिस्तान तथा जिम्बाबे के छात्र शामिल हैं।

छात्रों में मोहम्मद शफीक, अब्बू बकर, उदित चौहान, रफिउल्लाह मोहमदन, जावेद इलियास, ख्वाजा इलियास, नथानिल सनारियो, खलील अहमद, अब्दुल मुसबिल तथा अभिनव दॉस शामिल हैं। यह सभी छात्र एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में अलग.अलग संकायों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

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