कई मायनों में एतिहासिक और काबिले-तारिफ है बजट

आदर्श हिमाचल ब्यूरो 
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 2019-20 का बजट सदन में पेश किया। विरासत में मिले हज़ारों करोड़ के क़र्ज़ के बावजूद मुख्यमंत्री ने 44387.73 करोड़ का बजट पेश किया जो गत वर्ष के बजट से 7% अधिक है। अतीत की बात करें तो सरकारें चाहें जिस मर्जी पार्टी की रही हो विपक्ष हमेशा सरकार द्वारा पेश किये गए बजट में अनेकों खामियां निकलता है और हमेशा बेकार करार देता रहा है लेकिन इस बार विपक्ष भी बजट के विरोध में नज़र नहीं आया यही कारण है कि जयराम ठाकुर सरकार द्वारा यह बजट कई मायनों से ऐतिहासिक है और काबिल-ए-तारीफ़ है। मुख्यमंत्री स्वयं एक गरीब परिवार से उठकर विभिन्न प्रकार की समस्याओं और चुनौतियों का सामना करके इस स्तर तक पहुंचे है शायद इसी कारण वर्ष 2019-20 के बजट में लाभ-हानि के हिसाब-किताब से ज्यादा मानवीय मूल्यों को एक ऊँचे स्तर पर तवज़्ज़ो मिला है जो अपने आप में प्रशंसनीय है। वो चाहे वृद्धावस्था व विकलांगता पेंशन में वृद्धि हो या दिहाड़ीदारों की दिहाडी में वृद्धि, PTA व SMC के तहत कार्यरत शिक्षकों के वेतन में वृद्धि हो या आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता और अन्य कार्यक्रमों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि ये सारे प्रावधान ख़ज़ाने को ध्यान में न रखकर बल्कि एक बहुत बड़े जन समुदाय के हृदय की व्यथा को ध्यान में रखकर किये गए है ऐसा प्रतीत होता है।
      आपातकाल के समय प्रताड़ित आंदोलनकारियों को लोकतंत्र प्रहरी सम्मान के रूप में ₹11000 प्रतिवर्ष देने की घोषणा एक ऐतिहासिक निर्णय है जिसके कारण अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले सेंकडो आंदोलनकारियों को सम्मान मिलेगा जिन्होंने MISA के तहत आपातकाल के समय अनेकों प्रकार की यातनाएँ झेली।
       शिक्षा क्षेत्र के लिए 7000 करोड़ से अधिक के बजट का प्रावधान करके प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की वचनबद्धता को स्पष्ट किया है।
       करुणामूलक आधार पर आश्रितों के नौकरी पाने नियमोँ को साधारण करना, 50 वर्ष की आयु सीमा को बढ़ाकर सेवानिव्रित्ति की आयु के बराबर करने के साथ-साथ वार्षिक आय की न्यूनतम सीमा को बढ़ाकर माननीय मुख्यमंत्री ने हजारों जरूरत मंद की दुआओं सेअपनी पुण्य की झोड़ी को भरपूर कर दिया।
       पंचायत वार्ड सदस्य, पंचायत उपप्रधान,पंचायत प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, पंचायत स्मीति अध्यक्ष, जिला परिषद सदस्य व जिला परिषद अध्यक्ष और नगर निगम में पार्षदों और महापौर व उपमहापौर के वेतन को बढ़ाकर श्री जय राम जी ने जन प्रतिनिधियों की जय जयकार करके एक सराहनीय राजनैतिक मास्टर स्ट्रोक भी खेला है।
        युवाओं के स्वरोजगार के उद्देश्य से प्रदेश की बहुप्रतिष्ठित “मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना” में निवेश की सीमा और आवेदन के लिए आयु सीमा बड़ाकर प्रदेश में स्वरोजगार की संभावनाएं तलाश रहे युवाओं को बहुत लाभ मिलेगा।
      “कौशल विकास योजना”, ‘कौशल विकास निगम’ और “मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना” जैसी योजनाओं से प्रदेश के युवाओं और गांव में पारम्परिक दस्तकारों को रोजगार प्राप्त करने की एक नई दिशा मिलेगी।
        प्रदेश में नए औद्योगिक केंद्र और आई टी पार्क स्थापित करने से प्रदेश में औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित होंगे जो भविष्य में सकल घरेलू उत्पाद में अकल्पनीय वृद्धि के सूत्रपात होंगे।
       प्रदेश में पर्यटन,ऊर्जा, कृषि,बागवानी इत्यादि क्षेत्र में अपार संभावनाएं है जिसको लेकर माननीय मुख्यमंत्री ने सदन में गंभीरता दिखाई और ऐसे सभी क्षेत्रों  में आगे बढ़ने को लेकर सरकार द्वारा हरसंभव पहल करने के वादे किए।
       संक्षिप्त में कहें तो वर्ष 2019-20 का बजट “ईमानदार प्रयास का-एक साल विकास का” और “सबका साथ सबका विकास” को चरितार्थ करने वाला, आम जन मानस के दिलों को छूने वाला, शोषितों-वंचितों के साहस को बढाने वाला, थके हारो को एक नई उम्मीद देने वाला यह बजट सही मायने में ऐतिहासिक है, विकासशील है, मानवीय मूल्यों से भरपूर है और सामाजिक संवेदनाओं से सृजित बजट 2019-20 के लिए में आदरणीय मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का मैं हृदय से धन्यवाद करता हूँ।
कुलदीप सुमन
ओएसडी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री हिमाचल प्रदेश

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