ऊपरी क्षेत्र के नए साल में लगने वाले मेलों की शुरुआत होती है फाग मेले के बाद…..

हर वर्ष रामपुर के राजदरबार प्रांगण में पारंपरिक अंदाज में मनाया जाता है फाग उत्सव…..

चार दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में हर रोज देव वाद्य यंत्रों की धुनों में नाटियों का चलता है दौर….

विशेषर नेगी

रामपुर। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से 130 किलोमीटर दूर रामपुर बुशहर में हर वर्ष बसन्त आगमन की खुशी में फाग उत्सव का आयोजन किया जाता है। मेले का मुख्य आकर्षण देव नृत्य और शोभा यात्रा होती है। मेले में देवलू और उन के साथ आए नर्तक दल पारम्परिक वेश भूषा में देव वाद्य यंत्रों की धुनों में खूब नृत्य करते है

पूर्व में जब संसाधन नही थे तो उस दौरान भी लोग सर्दियों के विकट परिस्थितियों के बाद आपस में इसी मेले में आ कर मिलते थे। परम्परानुसार प्रथम दिन राजदरबार मुख्य द्वार पर नगर परिषद की ओर से सभी देवी देवताओं का विधिवत स्वागत किया जाता है।

उस के बाद देवता परम्परा के अनुसार राज गद्दी को आशीर्वाद देते है, और राजपरिवार की ओर से भी पूजा की जाती है। आज भी देवी देवताओं की उपस्थिति में होली के दूसरे दिन से परम्परानुसार फाग उत्सव का आयोजन किया जाता है।

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