दी चेतावनी…नैतिकता की हदें न करें पार…अपनी भाषा पर रखें संयम

बोले…सुखराम को मंडी की जनता ने कभी नहीं दी प्रदेश की कमान 

जिस मुख्यमंत्री ने मंत्री बनाया उसे ही नेता मानने से इंकार 

आदर्श हिमाचल ब्यूरो

शिमला। अनिल शर्मा के दुर्भाग्य है कि उन्हें कभी अपने पिता तो कभी अपने पत्र के कारण अपने मंत्री पद से हाथ धोना पड़ रहा है। उन्होंने भाजपा और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के खिलाफ  अनिल शर्मा की बयानबाजी पर कड़ा रूख अपनाते हुए चेतावनी दी कि अनिल शर्मा को अपनी नैतिकता की हदें नहीं लांघनी चाहिए और अपनी भाषा पर भी संयम रखना चाहिए।

 उन्होंने कहा कि अगर अनिल शर्मा में दम है तो वे दोबारा अपनी सीट से जनादेश लेकर आएं। उन्होंने कड़े तौर पर कहा कि मंडी को लेकर सुखराम व अनिल शर्मा को जो घमंड है, वह इन चुनावों में धराशाही हो जाएगा। 

यह बात शिक्षा मंत्री सुरेश भाररद्वाज ने आज शिमला में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के सम्मेलन के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि अनिल शर्मा तो भाजपा में ही रहना चाहते थे लेकिन पुत्र और पिता कांग्रेस का प्रचार करें तो ऐसा संभव नहीं है। नैतिकता का तकाजा ऐसा करने की इजाजत नहीं देता। यही कारण है कि मंडी की जनता ने कभी भी पंडित सुखराम को प्रदेश की कमान नहीं सौंपी। वे केंद्रीय मंत्री रहे अलग पार्टी तक बनाई लेकिन जनता ने उन्हें स्वीकार नहीं किया।

हिमाचल प्रदेश में मंडी को अगर प्रतिनिधित्व मिला है तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में मिला है। मुख्यमंत्री ने ही अनिल शर्मा को मंत्री बनाया और अब वे ही उन्हें नेता मानने से इंकार कर दिया है। अनिल शर्मा को कोई हक नहीं है कि वे मुख्यमंत्री जयराम के खिलाफ टिप्पणी करें। मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का नेता होता है।

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