कहा….प्रदेश में शून्य लागत प्राकृतिक कृषि को दिया जा रहा बढ़ावा 
आदर्श हिमाचल ब्यूरो 
धर्मशाला:- कृषि मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को पूरे साल सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश मे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सिंचाई हेतू जल उठाने के लिए ‘‘सौर सिंचाई योजना’’ आरम्भ की गई है। योजना के अन्तर्गत सौर पम्पों से सिंचाई हेतू लघु एवं सीमान्त वर्ग के किसानो को व्यक्तिगत रूप में पंपिंग मशीनरी लगाने हेतू 90 प्रतिशत की सहायता का प्रावधान किया गया है। मध्यम व बड़े वर्ग के किसानों को व्यक्तिगत स्तर पर पंपिंग मशीनरी लगाने हेतू 80 प्रतिशत की सहायता का प्रावधान है। इसके तहत आगामी 5 वर्षों में 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
       कृृषि मंत्री आज बैजनाथ में लोगों की समस्याओं को सुनने के उपरांत बोल रहे थे।कृषि मंत्री ने कहा कि सामुदायिक स्तर पवर कम से कम पांच किसानों के समूह पंपिंग मशीनरी लगाने हेतू सभी वर्ग के किसानों के लिए शत-प्रतिशत व्यय सरकार द्वारा वहन करने का प्रावधान है। योजना के अन्तर्गत एक से दस हार्स पावर तक के सौर पम्प उपलब्ध करवाए जाएंगे।
        डॉ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्र्रति गंभीर है और उनके हितों की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बंदरों एवं जंगली जानवरों से फसलों के बचाव के लिए किसानों को सौर ऊर्जा एवं विद्युत संचरित बाड़ लगाने के लिए उपदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों को व्यक्तिगत तौर पर सोलर बाड़ लगाने पर 80 प्रतिशत तथा सामूहिक रूप में सोलर बाड़ लगवाने पर 85 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
      कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिकी में कृषि के अहम योगदान को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार इसके विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश में किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दोगुना करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गये हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शून्य लागत प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। शून्य लागत प्राकृतिक कृषि प्रणाली रासायनिक कृषि का श्रेष्ठ विकल्प है। यह प्रणाली सुरक्षित है तथा इसमें किसानों की आय को दोगुना करने की क्षमता है। इस प्रणाली के अन्तर्गत उत्पादन लागत शून्य हो जाती है और उत्पाद जहर-मुक्त होते हैं। इससे जमीन की उत्पादकता बढ़ती है, पानी के कम उपयोग की आवश्यकता पड़ती है, मित्र कीटों का बचाव होता है तथा गुणवत्तायुक्त उत्पादों की पैदावार होती है।
        उन्होंने कहा कि लोगों के वन अधिकारों को संरक्षित करने के लिए पद्रेश में 17305 वन अधिकार कमेटियां गठित की गई हैं। इसके लिए जनवरी माह में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग में 110 पद कृषि विकास अधिकारी के भरे जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त कृषि प्रसार अधिकारी के पदों के लिए साक्षात्कार हो चुके हैं परन्तु कोर्ट से स्टे होने के कारण अभी तक पद भरे नहीं गये हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोर्ट से स्टे हटेगा कृषि प्रसार अधिकारियों के पद भर दिये जाएंगे। उन्होंने कहा कि बड़ा भंगाल, सिरमौर का गिरीपार इलाका, मलाणा व चुहार वैली को जनजातीय क्षेत्र का दर्जा देने के लिए इलाकों का सर्वे करने के उपरांत रिपोर्ट भारत सरकार को प्रेषित की गई है।
  
     इस अवसर पर कृषि मंत्री ने 100 से अधिक लोगों की समस्याओं को सुना और अधिकांश का मौके पर ही निपटारा कर दिया तथा शेष समस्याओं के निपटारे के लिये सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिये।
इस अवसर पर बैजनाथ भाजपा अध्यक्ष कर्ण जम्बाल, महामंत्री निर्मल कपूर, मुल्ख राज शर्मा, सुदेश राणा, निर्मला धरवाल, निशा धीमान, सुमन चौधरी, कांता देवी, जीवन लता, सुरेन्द्र कपूर, एसडीएम बैजनाथ रामेश्वर दास, संयुक्त निदेशक कृषि एनके बधान, उपनिदेशक कृषि नरेन्द्र धीमान, जिला कृषि अधिकारी कुलदीप धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा क्षेत्र के लोग मौजूद थे।

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