सरकार ने प्रारम्भ की “एक नई योजना अखंड शिक्षा ज्योति,मेरे स्कूल से निकले मोती” योजना 

 

 

आदर्श हिमाचल ब्यूरो 

 

 

मंडी:-शिक्षा मंत्री ने मंडी में स्वच्छता एवं सामुदायिक सहभागिता पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का किया शुभारंभ शिक्षा, संसदीय कार्य व विधि मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज यहां विपासा सदन में ‌स्वच्छता एवं सामुदायिक सहभागिता पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।जिला ग्रामीण विकास अभिकरण एवं जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान मंडी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में जिला भर के राजकीय पाठशालाओं के प्रधानाचार्य, मुख्य अध्यापक, केंद्रीय मुख्य अध्यापक, खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी व खंड स्रोत समन्वयकों ने भाग लिया। अपने संबोधन में सुरेश भारद्वाज ने कहा कि गत दो अक्तूबर को एक स्वतंत्र एजेंसी इंडिया टूडे समूह की ओर से सफाईगिरी-2018 के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर पर मंडी को सबसे स्वच्छ पाठशाला जिला श्रेणी का पुरस्कार प्रदान किया गया है जिसके लिए जिला प्रशासन, सभी पाठशालाओं के प्रमुख और इससे जुड़े अन्य सभी लोग बधाई के पात्र हैं।

        उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में स्वच्छता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर दोबारा जो अभियान प्रारंभ किया है उससे देश की समस्त जनता उत्साहपूर्वक जुड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी इस अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पाठशाला स्तर पर इसके लिए आधारभूत ढांचा विकसित किया गया है और छात्र तथा छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था की जा रही है। इसके अतिरिक्त सभी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में एक सेनेटरी नेपकिन डिस्पेंसर मशीन स्थापित की जाएगी। उन्होंने मंडी जिला में संचालित किए जा रहे स्वच्छ जल स्वच्छ हाथ अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयासों से पाठशाला स्तर पर बच्चों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित कर उनमें व्यवहारिक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने शिक्षक वर्ग से आग्रह किया कि वे स्वच्छता को व्यवहार में उतारें और आज की इस उपलब्धि से भविष्य के लिए भी प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि जब समुदाय एकजुट होकर कार्य करेगा तो संपूर्ण प्रदेश व देश स्वच्छ होगा। इससे जल जनित रोगों की रोकथाम में सहायता मिलेगी और एक
स्वस्थ समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।

 उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से स्वच्छता में सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से कार्य करते हुए मंडी जिला पूरे राष्ट्र में अग्रणी रहा है उसी तर्ज पर शिक्षा में भी उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पाठशाला स्तर पर सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने एक नई योजना अखंड शिक्षा ज्योति, मेरे स्कूल से निकले मोती प्रारंभ की है। इसके अंतर्गत अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पाठशाला के पूर्व छात्रों को प्रेरक की भूमिका में स्कूल से जोड़ कर उनसे पाठशाला के उत्थान में सहयोग भी लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा में गुणवत्ता लाने तथा रोजगार परक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है जिसके लिए कई नई योजनाएं प्रारंभ की जा रही हैं। प्रदेश की 3391 राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में पायलट आधार पर पूर्व प्राइमरी कक्षाएं प्रारंभ की गई हैं, जिससे ग्रामीण बच्चों को घर के समीप शाला पूर्व शिक्षा उपलब्ध होगी और राजकीय पाठशालाओं में नामांकन में भी वृद्धि हो सकेगी।

इसके अतिरिक्त मेधा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पात्र मेधावी छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए एक लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी और इसके लिए पांच करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किया जाएगा जिसमें उच्च स्तरीय शिक्षा ग्रामीण बच्चों को उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे पूर्व उन्होंने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय अभियान की पुस्तिका का विमोचन किया और जिल प्रशासन द्वारा सबसे स्वच्छ पाठशाला जिला घोषित होने पर प्रतीक स्वरूप पाठशालाओं को जारी प्रमीण पत्र भी वितरित किए।


सुंदरनगर से विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में दस माह के कार्यकाल में ही शिक्षा सहित अन्य
क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि मंडी जिला को स्वच्छता के लिए पूर्व में भी सम्मानित किया जा चुका है और
इस बार भी सभी की सहभागिता से यह संभव हो सका है। उन्होंने शिक्षक वर्ग का आह्वान किया कि वे स्वच्छता के प्रति बच्चों की सोच को एक नई दिशा दें और उनका निरंतर मार्गदर्शन करें

उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि मंडी जिला को यह पुरस्कार प्राप्त होने के उपरांत अब सभी की जिम्मेवारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता में 90 प्रतिशत बेहतर कार्य करने के लिए राष्ट्र स्तर पर यह सम्मान मिला है और अब इसे शत-प्रतिशत करने की दिशा में मिल कर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में स्वच्छता के साथ-साथ जिला में ग्राम पंचायत स्तर ठोस व तरल कचरा प्रबंधन के लिए भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने स्कूल प्रमुखों से आग्रह किया कि वे भी स्वच्छता अभियान को कारगर बनाने के लिए नए विचार लेकर आएं। अतिरिक्त उपायुक्त श्री राघव शर्मा ने कहा कि मंडी जिला में 15 से 30 अक्तूबर तक स्वच्छ जल स्वच्छ हाथ अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत बच्चों को हाथ धोने के प्रति जागरूक करने के साथ ही स्कूलों में पेयजल टंकियों तथा परिसर की साफ-सफाई जैसी गतिविधियां चलाई जा रही हैं। अभी तक लगभग 1422 जल स्रोतों की सफाई भी इस दौरान की गयी है। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान, मंडी के प्रधानाचार्य बलवीर भारद्वाज ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय अभियान पर तथा सामुदायिक सहभागिता समन्वयक चारू वैद्य ने अखंड शिक्षा ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती योजना पर प्रस्तुति दी

संस्थान के प्रशिक्षुओं द्वारा स्वच्छता पर लघु नाटिका तथा मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति द्वारा मंडयाली समूह गान प्रस्तुत किया गया। उप निदेशक उच्च शिक्षा अशोक शर्मा ने सभी का धन्यवाद किया। कार्यक्रम में स्वच्छ स्कूल पर भी एक प्रस्तुति दी गयी।इस अवसर पर नगर परिषद मंडी की अध्यक्षा सुमन ठाकुर, पूर्व विधायक कन्हैया लाल, हिमाचल प्रदेश सहकारी बैंक के निदेशक प्रियव्रत शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष रणवीर सिंह, शिक्षा मंत्री के विशेष कार्य अधिकारी मामराज पुंडीर, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा सुदर्शन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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