राष्ट्रीय एकता दिवस पर धर्मशाला में एकता दौड़, शांता कुमार और किशन कपूर ने दिखाई हरी झंडी

आदर्श हिमाचल ब्यूरो 
धर्मशाला:- सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 31 अक्तूबर 2018 को धर्मशाला में राष्ट्रीय एकता दिवस पूरे जोश और श्रद्धा के साथ मनाया गया। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री किशन कपूर व सांसद शांता कुमार ने इस मौके उपायुक्त कार्यालय परिसर में सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके स्मृतियों एवं योगदान का स्मरण किया।
        इस मौके पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि को संकल्प दिवस के तौर पर मनाया गया। किशन कपूर व सांसद शांता कुमार ने श्रीमति इंदिरा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सभी को राष्ट्रीय एकता दिवस और संकल्प दिवस पर वर्तमान परिस्थितियों में राष्ट्र की एकता, अखण्डता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए देशवासी राष्ट्रीय एकता हित के लिए समर्पित होने की शपथ दिलाई गई
एकता दौड़ में शामिल हुआ धर्मशाला
            इस मौेके खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर व सांसद शांता कुमार ने एकता दौड़ ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाई। एकता दौड़ में स्कूली बच्चों के अलावा बड़ी संख्या में धर्मशालावासियों ने भाग लिया। यह दौड़ उपायुक्त कार्यालय से शुरू होकर शहीद स्मारक में सम्पन्न हुई।
अखंड भारत के निर्माता थे पटेल: किशन कपूर
         शहीद स्मारक में अपने सम्बोधन में किशन कपूर ने सरदार पटेल की स्मृतियों को नमन करते हुए कहा कि भारत के प्रथम गृहमंत्री और उपप्रधानमंत्री के तौर पर देश के एकीकरण के महानायक सरदार पटेल भारतमाता के उन वीर सपूतों में से एक थे, जिनमें देश और समाज की सेवा की भावना कूट-कूटकर भरी हुई थी । सरदार पटेल स्वतन्त्रता संग्राम में अपना सर्वस्व लगाने वाले और आजादी के बाद 562 छोटी-बड़ी रियासतों का विलय कर अखंड भारत का निर्माण करने वाले युगद्रष्टा थे।
बारदोली सत्याग्रह से मिली सरदार की उपाधि
       किशन कपूर ने सरदार पटेल के किसानों के लिए किए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बरदोली में किसानों के हितों के लिये सत्याग्रह किया और वहां की महिलाओं ने उन्हें सबसे पहले सरदार की उपाधि दी। ये उनके विराट व्यक्तित्व का ही प्रमाण है कि सरदार की ये उपाधि हमेशा के लिये उनके नाम का हिस्सा बन गयी
 पटेल जी देश के लिए जब-जब जो जरूरी था वह किया: शांता कुमार
      सांसद शांता कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि देश की अखंडता के लिए जब-जब जो जरूरी था पटेल जी ने वो किया। उन्होंने कहा कि जहां कूटनीति की आवश्यकता थी वहां कूटनीतिक कदम उठाये, जहां बल प्रयोग जरूरी था उससे भी वे पीछे नहीं हटे। हैदराबाद और जूनागढ़ रियासतों के विलय के वाक्या उनकी बुद्धिमत्ता और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण हैं।
दृढ़ इच्छा शक्ति ने बनाया लौह पुरूष
      शांता कुमार ने कहा कि सरदार पटेल अपनी दृढ़ता, संकल्पशक्ति, अटल निर्णय शक्ति एवं कार्य के प्रति लगन के कारण ही ”लौह पुरुष” के नाम से जाने जाते थे ।पटेल एक सच्चे राष्ट्रभक्त, महान स्वतन्त्रता सेनानी ही नहीं थे, अपितु भारतीय संस्कृति के महान समर्थक भी थे। उन्होंने कहा कि देश उनके राष्ट्र के प्रति योगदान को कभी भी भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि आज हमने प्रतिज्ञा ली है कि अपने देश की एकता के लिए एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस प्रतिज्ञा के अनुसार चलने का प्रयत्न करना होगा। उन्होंने कहा कि आज देश की एकता के लिए सब जगह इक्कठा होकर उनको तथा उनके योगदान को याद कर रहे हैं।
        शांता कुमार ने कहा कि सरदार पटेल की जयंती पर प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी गुजरात में नर्मदा नदी में सरदार सरोवर बांध पर बनी पटेल जी की विश्व की सबसे ऊँची मूर्ति का अनावरण किया है। यह सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व एवं आधुनिक भारत के शिल्पी को राष्ट्र का श्रद्धापूरित नमन है। यह उनके योगदान से आने वाली पीढ़ियों को अवगत करवाने का प्रयास भी है।
    इस अवसर उपायुक्त कांगड़ा संदीप कुमार, पुलिस अधीक्षक संतोष पटियाल, मंडलाध्यक्ष कैप्टन रमेश अटवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग तथा बच्चे उपस्थित थे।

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