21 मुदों पर हुई विस्तृत रूप से चर्चा

आदर्श हिमाचल ब्यूरो 
बिलासपुर:-मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुन्डु की अध्यक्षता में फोरलेन संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ बचत भवन में बैठक आयोजित की गई। बैठक में फोरलेन से प्रभावित क्षेत्रों के पंचायत प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
           बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के लिए केवल सड़कें ही एकमात्र साधन है अन्य और कोई भी विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि सड़कों का नेटवर्क अच्छा होगा तभी प्रदेश का विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय उच्च मार्गों की दशा को और अधिक किस प्रकार से बेहतर किया जा सकता है उस पर व्यापक रूप से कार्य किया जा रहा है ताकि सड़कों की मुरम्मत और रखरखाव को बेहतर बनाया जा सके।
           उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा फोरलेन संघर्ष समिति के साथ बैठक करने के दिए गए दिशा निर्देशों के अनुरूप बैठक का आयोजन किया जा रहा है। बैठक में कुल 21 प्वाइंट फोरलेन संघर्ष समिति ने जो फोरलेन से प्रभावित परिवारों के उठाए उन सभी मुदों पर क्रमबार विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उन्होंने फोरलेन प्रभावित क्षेत्रों के मुख्य बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि फोरलेन के बनने से जो भी रास्ते, सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं उनके लिए संयुक्त सर्वे करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कें हैं, बंद नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क को आर-पार करने के लिए फुट ओवर ब्रिज बनाने के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं इसके साथ ही जैबरा क्रासिंग भी बनाए जाएंगे। फोरलेन प्रभावितों के साथ राष्ट्रीय उच्च मार्ग के विषय पर विस्तृत रूप से मुरम्मत और बेहतर सुधारीकरण के बारे चर्चा की गई।
          उन्होंने बताया कि इन 21 मुद्दो में से कुछ मुद्दे ऐसे है जो स्थानीय जिला प्रशासन और राजस्व अधिकारियों के साथ आपसी समन्वय से निपटाया जाएगा। कुछ ऐसे मामले भी हैं जिन मामलों को निपटारे के लिए प्रदेश स्तर तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के ध्यान में लाया जाएगा। उन्होंने फोरलेन प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया कि फोरलेन बनने की वजह से जिन लोगों को नुकसान पहंुचा है उन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश सरकार के समक्ष रखेगे ताकि जो भी प्रभावितों का जायज अधिकार है वह उन्हें मिल सके।  उन्होंनें फैक्टर-2 को लागू करने की बात पर चर्चा करते हुए कहा कि इसे प्रदेश सरकार के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने शेष बची भूमि की निशानदेही करने के लिए कहा कि तकसीम के लिए आवेदन करें आपसी सहमति से खानगी तकसीम करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
           उन्होंने कहा कि जिन विस्थापितों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है जिला प्रशासन को उन मामलों में 6 माह के भीतर सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। फोरलेन विस्थापितों पर किए गए झूठे केसों को वापिस लेने सम्बधी मुदे पर उन्होंने  कहा कि इन सभी केसों की सूची भेजना सुनिश्चित करें ताकि इन मामलों की जांच की जा सकें।
उपायुक्त विवेक भाटिया ने कहा कि बैठक में जो भी निर्णय लिए गए हैं व दिशा निर्देश दिए गए हैं उन सभी मुदों को अमलीजामा पहनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
           इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, एडीएम विनय कुमार, भारतीय राष्ट्रीय प्राधिकरण शिमला के एस ई0 अजय वर्मा, एसई0 शाहपुर आरके मनहास, एससी ई0 अजय गुप्ता के अतिरिक्त फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष राम सिंह, सलाहकार जगत सिंह के अतिरिक्त समबन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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