वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में नवाजे छात्र एवं छात्राएं  
आदर्श हिमाचल ब्युरो
 
धर्मशाला:- शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीन चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। शिक्षा के बेहतर विकास के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के उत्थान में शिक्षा की अहम भूमिका को भली भांति समझते हुए प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में ढ़ाचागत विकास पर बल दे रही है। सभी विद्याार्थियों का गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के साथ उनके सर्वागींण विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। इस वित्तिय वर्ष में शिक्षा क्षेत्र के लिए 7044 करोड़ रूपये बजट का प्रावधान किया गया है।वे लारेस पब्लिक स्कूल शाहपुर के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने के उपरांत बोल रही थीं।
        इस अवसर पर पूर्व शिक्षा मंत्री शिव कुमार उपमन्यु ने शहरी विकास मंत्री को शाल व टोपी देकर सम्मानित किया।शहरी विकास मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद कर रही है, ताकि उचित मार्गदर्शन के अभाव में अथवा आर्थिक तंगी के कारण किसी भी विद्यार्थी की तैयारी प्रभावित न हो
        उन्होंने कहा कि बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को जेईई मेन, एनईईटी इत्यादि परीक्षाओं तथा अन्य उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश हेतू कोचिंग की आवश्यकता होती है। इसके अलावा महाविद्यालय से निकले हुए छात्रों को रोजगारपरक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जरूरत होती है। उन्होंने कहा इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए प्रदेश सरकार ‘‘मेधा प्रोत्साहन योजना’’ शुरू की है। इसके तहत बच्चों को राज्य में अथवा राज्य से बाहर कोचिंग के लिए सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। सरकार ने इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
       उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बच्चों के लिए मुख्यमंत्री आदर्श विद्या केन्द्र, अखंड शिक्षा ज्योति, मेरे स्कूल से निकले मोती, पुस्तक दान दिवस, मुख्यमंत्री स्वावलम्बन योजना, मुख्यमंत्री युवा आजीविका योजना इत्यादि नवीन योजनाएं आरंभ की गई हैं। सरवीन चौधरी ने कहा कि विद्यार्थी काल में अनुशासन, परिश्रम की आदत बनानी चाहिये ताकि इसका लम्बे समय तक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए तथा उसी के आधार पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए।
       उन्होंने कहा कि ज्ञान बढ़ाने के लिए पुस्तकों का अध्ययन जरूरी है इसके साथ ही महान लोगों की जीवनी के बारे में भी जानना जरूरी है इससे हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ खेल तथा अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों को नशे की बुराई से दूर रहने तथा अन्य बच्चों को भी इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार युक्त शिक्षा प्रदान करने में भी शिक्षक अपना योगदान सुनिश्चित करें ताकि बच्चे देश तथा समाज का नाम रोशन कर सकें
      इससे पूर्व, स्कूल की प्रधानाचार्य नीलोफर शर्मा महाजन ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा संस्थान की गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया।  इस दौरान बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के अतिरिक्त बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, र्प्यावरण संरक्षण इत्यादि पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किये।शहरी विकास मंत्री सरवीन चौधरी ने सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 11 हजार रुपये देने की घोषणा की।
      इस अवसर पर सेवानिवृत आईएएस केसी शर्मा, डॉ़ शिव कुमार, धर्मपाल, यतिन महाजन, अतिरिक्त महाधिवक्ता हिमांशु मिश्रा, अधिवक्ता दीपक अवस्थी, राघव शर्मा, अधिशाषी अभियंता रूमेल सिंह, संजीव महाजन, एसडीओ अनीश ठाकुर, राकेश मनु, बीडीसी रविदत्त शर्मा, रमन सागर के अलावा बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावक, स्कूल के अध्यापक तथा बच्चे उपस्थित रहे।

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